Diwali 2018 Puja Vidhi Date: इस दिन पड़ रही है दीपावली, जानें कब है पूजा का शुभ मुहूर्त - Shiko Jano

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4 Nov 2018

Diwali 2018 Puja Vidhi Date: इस दिन पड़ रही है दीपावली, जानें कब है पूजा का शुभ मुहूर्त

Diwali 2018 Puja Vidhi Date Time subh muhurat: धन की देवी लक्ष्मी की पूजा का दिन यानि दिवाली इस बार 7 नवंबर 2018 को पड़ रही है। यदि जानना चाहते हैं कि दीपावली या लक्ष्मी पूजा कब है तो यहां पढ़ें।


Diwali 2018 Puja Vidhi Date: इस दिन पड़ रही है दीपावली, जानें कब है पूजा का शुभ मुहूर्त
Diwali 2018 Puja Vidhi Date: इस दिन पड़ रही है दीपावली, जानें कब है पूजा का शुभ मुहूर्त

Diwali 2018  date time subh muhurat: इस वर्ष दीपों का पर्व दीपावली (Deepawali) दिनांक 07 नवंबर 2018 दिन बुधवार को है। दीपावली का पूजन प्रदोष काल और स्थिर लग्न में होता है। वृष और सिंह स्थिर लग्न है। सिंह लग्न के समय अमावस्या का अभाव है। इस दिन स्वाति नछत्र सूर्योदय काल से लेकर 19.37 तक रहेगा तत्पश्चात विशाखा लग जायेगा।
प्रदोष काल का समय गृहस्थ एवं व्यापारियों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है। प्रदोष काल का मतलब होता है दिन और रात्रि का संयोग काल। दिन भगवान विष्णु का प्रतीक है और रात्रि माता लक्ष्मी का प्रतीक है। धर्म सिंधु के अनुसार प्रदोष काल अमावस्या निहित दीपावली पूजन को सबसे शुभ मुहूर्त है। सुजीत जी महाराज से जानें दिवाली का शुभ मुहूर्त... 

Diwali Puja 2018 Date, Shubh Muhurat of Laxmi Puja and Vidhi .




1. प्रदोष काल का समय- 
सायं 17.27 से 20.05 तक। इस मुहूर्त में एक सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें स्थिर लग्न वृषभ भी मिल जाएगा। वृष और प्रदोष दोनों मिल जाने से ये दीपावली पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है।
2. वृष लग्न
दीपावली पूजन स्थिर लग्न वृष में भी किया जाता है। व्ययसाय से जुड़े लोग अपने प्रतिष्ठान में इसी समय पूजन करवाते हैं। वृष लग्न 17.14 से 19.50 तक रहेगा।
3. निशीथ काल
20.11 से 22.51 तक लगेगा। यह काल व्यापारियों के लिए बहुत अच्‍छा है। इसमें 19.09 से 20.52 तक पूजन का विशेष शुभ मुहूर्त है।
4. महानिशीथ काल
23.14 से 24.06 तक। इसमें सिंह लग्न भी मिल जाएगा।
सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त- 
1. गृहस्थ प्रदोष काल में पूजन करें।
2. व्यापारी प्रदोष और वृष लग्न में दीपावली पूजन करें तो बेहतर है।
3. छात्र प्रदोष काल में पूजन करें।
4. आई टी, मीडिया, फ़िल्म, टी वी इंडस्ट्री, मैनेजमेंट और जॉब करने वाले शुक्र प्रधान लग्न वृष में पूजन करें।
5. सरकारी सेवा के लोग अधिकारी और न्यायिक सेवा के लोग भी वृष लग्न में ही पूजन करें।
6. तांत्रिक महानिशीथ काल में पूजन करें।

7. चौघड़िया मुहूर्त में भी किसी विशेष लाभ हेतु पूजा कर सकते हैं। 18.51 से 23.42 तक शुभ, चर की चौघड़िया तथा 23.56 से 28.33 तक लाभ की चौघड़िया रहेगी।
9. राजनीतिज्ञ अमावस्या की रात्रि के महानिशीथ काल में तांत्रिक पूजन कर सकते हैं।

Dhanteras 2018: धनतेरस के दिन क्‍यों जलाया जाता है यम का दीया, जानें इसकी सम्‍पूर्ण विधि


Dhanteras 2018: धनतेरस से दीपावली का पर्व शुरू हो जाता है। इस दिन दीप जलाने का तरीका आम दिनों से अलग होता है। धनतेरस की शाम को मुख्य द्वार पर 13 और घर के अंदर भी 13 दीप जलाने होते हैं।




Dhanteras 2018 Yam deep: धनतेरस से दीपावली का पर्व शुरू हो जाता है। इस दिन धन के देवता कुबेर और देवताओं के चिकित्सक धन्वंतरि महाराज की पूजा होती है। धनतेरस पर दीप जलाना क्यों जरूरी होता है और इसे कैसे जलाया जाता है ये जानना जरूरी है।
इस त्योहार की सबसे बड़ी मान्यता यह है कि इस दिन की गई पूजा से व्यक्ति यम के द्वारा दी जानें वाली यातनाओं से मुक्त हो जाता है। हिन्दू धर्म में धनतेरस यश और वैभव, कीर्ति सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस की शाम को दीप दान किया जाता है और माना जाता है कि ऐसा करने से यमराज प्रसन्न होते हैं और इससे व्यक्ति की अकाल मृत्यु नहीं होती हैं। लेकिन इस दिन दीप जलाने का तरीका आम दिनों से अलग होता है। तो आइए जाने इसे जलाने के तरीके।



यम का दिया कैसे जलाये
वैसे तो धनतेरस की शाम को मुख्य द्वार पर 13 और घर के अंदर भी 13 दीप जलाने होते हैं। ये काम सूरज डूबने के बाद किया जाता है। लेकिन यम का दीया परिवार के सभी सदस्यों के घर आने और खाने-पीने के बाद सोते समय जलाया जाता है। इस दीप को जलाने के लिए पुराने दीप का इस्‍तेमाल करें। उसमें सरसों का तेल डालें और रुई की बत्ती बनाएं। घर से दीप जलाकर लाएं और घर से बाहर उसे दक्षिण की ओर मुख कर नाली या कूड़े के ढेर के पास रख दें। साथ में जल भी चढ़ाएं और बिना उस दीप को देखे घर आ जाएं।
धनतेरस (Dhanteras) के दिन ऐसे करें पूजा
धनतेरस का दीपदान घर की लक्ष्मी को करना चाहिए। इस दिन किसी भी धातु के बर्तन खरीदें और उसमें मिठाई भर कर ही घर मे प्रवेश करें और धनवंतरी, कुबेर और लक्ष्मी गणेश को भोग लगाएं।
इससे घर के लोग रोग, विपदाओं और द्ररिद्रता से दूर रहते हैं। ऐसी मान्यता है कि सोने-चांदी या पीतल के बर्तन खरीदने से घर में सौभाग्य, सुख-शांति और स्वास्थ्य का वास होता है। पीतल भगवान धन्वंतरी का धातु है। इसलिए पीले रंग के धातु इस दिन खरीदना शुभ होता है।.

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