आईएस टॉपर के सफलता की कहानी || Ias Success Stories Without Coaching In Hindi - Shiko Jano

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8 Apr 2019

आईएस टॉपर के सफलता की कहानी || Ias Success Stories Without Coaching In Hindi

उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आने वाले जुनैद अहमद ने इस बार की UPSC (Union Public Service Commission) यानी IAS की परीक्षा में देश भर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है.
आईएस टॉपर के सफलता की कहानी || Ias Success Stories Without Coaching In Hindi
आईएस टॉपर के सफलता की कहानी || Ias Success Stories Without Coaching In Hindi


परिवार व शिक्षा 





27 साल के जुनैद एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार से आते हैं. उनके पिता श्री जावेद हुसैन पेशे से वकील हैं और मां आयश रजा एक हाउस वाइफ हैं. जुनैद बताते हैं कि बिजनौर के नगीना कस्बे में पले-बढे. शुरू से ही वे पढ़ाई में औसत छात्र थे . दसवीं और 12वीं की परीक्षा में उनके लगभग 60 फीसदी अंक आए थे.
12वीं के बाद उन्होंने शारदा यूनिवर्सिटी, नॉएडा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है.और वहां भी उनके बस 65 फीसदी तक ही अंक आये.

प्रेरणा

कॉलेज से निकलकर उन्होंने सेाचा कि अगर समाज को कुछ देना हो तो आइएएस से बेहतर कुछ नहीं होता.



तैयारी 

इसके बाद वर्ष 2013 से उन्होंने खुद पढ़ाई में झोंक दिया. घर वालों का भी उन्हें पूरा सपोर्ट मिला.
हालांकि शुरुआत में जुनैद को तैयारी करने में बड़ी मुश्किलें आयीं लेकिन जब एक बार वो कन्विंस हो गए कि वे IAS बन सकते हैं तो कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा.
वे रोज सुबह 5 बजे उठ कर तैयारी में जुट जाते और दोपहर 11-12 बजे तक पढ़ते… वे हर रोज कम से कम 9-10 घंटे अपनी तैयारी को देते और खुद को रिफ्रेश करने के लिए sports और जिम का भी सहारा लेते और occasionally मूवी देखने भी जाया करते.



आईएएस बनने के लिए मेहनत और एकाग्रता को मूल मंत्र मानने वाले जुनैद ने NCERT को अपनी तैयारी की foundation बनायीं .
चाहे बात जनरल स्टडीज की हो या ऑप्शनल सब्जेक्ट्स की, बेसिक तैयारी उन्होंने NCERT से ही की. जुनैद का ऑप्शनल सब्जेक्ट… उनका फेवरेट सब्जेक्ट जियोग्राफी था.

कोचिंग व सफलता 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग से तैयारी करने वाले जुनैद इतनी बड़ी सफलता हासिल करेंगे, किसी को यकीन नहीं था.
लेकिन चार साल की कड़ी मेहनत के बाद वे पिछले साल 2018 में Indian Revenue Services में सेलेक्ट हो गए.



पर फिर भी वे IAS बनने की अपनी जिद्द पर अड़े रहे है और अपने पांचवें प्रयास में वे UPSC Topper बन कर हमारे सामने हैं.
UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए उनका सन्देश है कि कभी भी असफलता से घबराएं नहीं और कड़ी मेहनत और एकाग्रता के दम पर अपना लक्ष्य प्राप्त करें.

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