दिल को जीवनभर स्वस्थ रखना है तो रोज सुबह करें ये 3 योगासन

दिल हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। आजकल लोगों में दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसका एक कारण तो लोगों का खानपान है और दूसरा बड़ा कारण एक्सरसाइज की कमी है। हालांकि काम ज्यादा होने के कारण लोगों के पास एक्सरसाइज का समय नहीं रहता है। ऐसे में अगर आप दिल की बीमारियों से दूर रहना चाहते हैं और उम्रभर दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो इन योगासनों का रोज सुबह थोड़ा समय निकालकर अभ्यास करें।



नियमित योग से फेफड़े मजबूत होते हैं, श्वास प्रक्रिया बेहतर होती है, जो दिल के लिए भी फायदेमंद साबित होता है। योग से हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्या में राहत मिलती है।दिल को जीवनभर स्वस्थ रखना है तो रोज सुबह करें ये 3 योगासन





पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछा कर पीठ के बल लेट जाएं। अब अंदर की तरफ सांस भर लीजिए। किसी भी एक पैर को घुटने से मोड़िए और दोनों हाथों की अंगुलियों को परस्पर मिलाकर मोड़े हुए घुटने को पकड़कर पेट के साथ लगा दें। ध्यान रखें कि आपका एक पैर जमीन पर ही रहना चाहिए। अब सिर को ऊपर उठाकर मोड़े हुए घुटनों पर नाक लगाएं। इसके बाद सांस छोड़ दें और दूसरे पैर से भी यही अभ्यास करें। दोनों पैर एक साथ मोड़कर भी यह आसन किया जा सकता है।

शवासन करें

शवासन को करने के लिए भी जमीन पर चटाई बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को फैलाते हुए पैरों के बीच अंतर लिएं। इस दौरान पैरों के पंजे बाहर की तरफ और एड़ियां अंदर की तरफ होनी चाहिए। अब दोनों हाथों को भी फैलाते हुए शरीर से लगभग एक फिट की दूरी पर रखें। हाथों की अंगुलियां आकाश की तरफ हों और गर्दन को सीधा रखें। धीरे-धीरे अपनी आंखें बंद कर लें। अब धीरे-धीरे सांस खींचें और छोड़ें। शवासन में अपने पूरे शरीर को ढीला छोड़ देते हैं, जैसे शव कि स्थिति होती है। आंख बंद ककरके सांसों पर ध्यान दें और मन में गिनती करते जाएं। 1 सांस में एक गिनती करें और ऐसा करते हुए 100 तक गिनती करें और फिर उठ जाएं।



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त्रिकोणासन करें

त्रिकोणासन करने के लिए अपने दोनों पैरों के बीच औसतन तीन फुट की दूरी रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं। अब दोनों हाथों और पैरों के समानांतर फैलाएं। अब दाएं पैर के पंजे को दाएं हाथ से छूने की कोशिश करें और बांया हाथ आसमान की ओर हो ताकि 90 डिग्री का कोण बनें। 15 से 20 सेकंड इसी पोजीशन में रहने के बाद बाद सीधे हो जाएं। यही विधि बाएं हाथ और बाएं पैर से पुनः करें।
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